कुछ शोख़ इशारों से
दरिया के किनारों से
इन चाँद सितारों से
कोई नज़्म नहीं बनती
कुछ शोख़ इशारे.. 'तुम'
दरिया के किनारे ...'तुम'
ये चाँद सितारे तुम'
लो नज़्म हुई जानाँ !!
— Swapnil Tiwari
दरिया के किनारों से
इन चाँद सितारों से
कोई नज़्म नहीं बनती
कुछ शोख़ इशारे.. 'तुम'
दरिया के किनारे ...'तुम'
ये चाँद सितारे तुम'
लो नज़्म हुई जानाँ !!
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