तुम गले मुझ को लगाओ चंदाइक दफ़ा घर मिरे आओ चंदालिखनी है एक ग़ज़ल तुम पर भीरुख़ से पर्दा तो गिराओ चंदातुम ने क्या हम से मोहब्बत कर लीबात जो है वो बताओ चंदामेरे इस दिल को सुकूँ आ जाएनाम से मुझ को बुलाओ चंदाकितने दिन और रहोगी रूठीअब मुझे तुम न सताओ चंदा— Vaseem 'Haidar'