मुझे हर काम से पहले

सहरस शाम से पहले
यही इक काम करना है
तुम्हारा नाम लेना है
तुम्हीं को याद करना है
कि जब भी दर्द पीना है
कि जब भी ज़ख़्म सीना है
ग़म-ए-दुनिया से घबरा कर
मुझे जब जाम लेना है
तुम्हारा नाम लेना है
तुम्हीं को याद करना है
तुम्हारी याद है दिल में
कि इक सय्याद है दिल में
कोई बर्बाद है दिल में
उसे आबाद करना है
तुम्हारा नाम लेना है
तुम्हीं को याद करना है

— Wasi Shah

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