Abha sethi

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@Abha_sethi

Abha sethi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abha sethi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

मोअत्तर इतना है ये इश्क़ तेरा छुपाए से नहीं छुपता कहीं भी — Abha sethi
खेलो न इस इक ज़ीस्त से मिलती नहीं दो तीन है — Abha sethi
होगा न अब बे-रंग कुछ चश्मा मिरा रंगीन है — Abha sethi
झुमके बना दुख टाँगे जब दिल तब से ही ये क्लीन है — Abha sethi
रखा है कुछ न दुनिया में मिले झूठे मरासिम भी वो तो माँ साथ है तब जा के ख़ुर्रम ज़ीस्त है अपनी — Abha sethi
यूँँ तो है दफ़्तर में काम बहुत फिर भी निकाल लेते वक़्त तसव्वुर का तेरे — Abha sethi
झट से दिल ने भी ग़ुस्सा के बोल दिया क्या क़ीमत न वफ़ा की कोई या'नी है — Abha sethi
चढ़ाया सर न इनको तो कभी भी रखी हैं ख़्वाहिशें महदूद अपनी — Abha sethi
नहीं करता तिरा भी दिल कभी तू हँस ज़रा घुल-मिल — Abha sethi
आँखों से आँखें मिलने दे ये दिल अफ़सुर्दा खिलने दे — Abha sethi
कर्म न अच्छे होंगे तो जो बोया वो खाओगे आईना होते हैं बच्चे कैसे बच पाओगे — Abha sethi
ये ज़िन्दगी ग़मगीन है ले साध वो परवीन है — Abha sethi
रिश्ते नाते ग़म ख़ुशी सब संग तेरे बिन तिरे हम तो न दुनिया में रहेंगे — Abha sethi
क्या ही मज़ा बिन इन के भी सुख दुख ही तो जुद्रीन है — Abha sethi
दूर जग की भीड़ से फ़ुर्सत के कुछ पल ऐसे हों हाथों में हो हाथ तकते हो सितारे चाँद हम — Abha sethi
रख के किनारे डर सभी आ इश्क़ का इज़हार कर कह दे ज़माने ज़िद्दी से तू मेरी है मैं तेरा हूँ — Abha sethi
पाया न तुम्हें खो बैठे ख़ुद को ही हम पागल इस दिल ने भी की नादानी है — Abha sethi
तल्ख़ी है क्यूँँ ये कैसी मनमानी है क्यूँँ रूठे हो मुझ सेे क्या ही ठानी है — Abha sethi
ज़ुल्फ़ों में सजा मुझे लो अपनी तुम बना के गुल बन सदा-बहार मैं खिला रहूँगा साए में — Abha sethi

Ghazal