@anshika15072002
Anshika Shukla shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anshika Shukla's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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मेरी उम्मीद कम नहीं करना
मेरे जाने का ग़म नहीं करना
आँख भीगे तो ख़्वाब बहते हैं
ख़्वाब पर ये सितम नहीं करना
वो जिस हमदर्द को आँसू मिरे अशआर लगते थे
उसी बेदर्द को मेरी हँसी अच्छी नहीं लगती
बहार के दिन हैं ये पुराने तुम्हें पता है हमें पता है
ये सारे तोहमत के हैं फ़साने तुम्हें पता है हमें पता है
इतना लुटे कि हिज्र मनाया नहीं गया
हमसे कभी पलट के बुलाया नहीं गया
आँखों से आरज़ू तो गई ख्व़ाब भी गए
तेरा तो एक वार भी ज़ाया नहीं गया
ये कहने की इजाज़त चाहिए थी
हमें थोड़ी रियायत चाहिए थी
सज़ा का हुक्म सर आँखों पे है बस
हमें थोड़ी सी मोहलत चाहिए थी
पलकें कैसे बंद करोगे
आँखों में अरमाँ बैठे हैं
दस्तक देकर वापस आओ
उनके घर मेहमाँ बैठे हैं
तेरा मेयार तो अपनी जगह है
मगर बीमार तो अपनी जगह है
बहुत कुछ लुट चुका है इस शहर से
अभी बाज़ार तो अपनी जगह है
कहीं इंसान ही पत्थर कहीं पत्थर की मूरत है
कभी घर से निकलते हैं तो जादू देख लेते हैं
टूटा सूखा पत्ता पतझर में कहने लगता है मुझसे
अब जब हम बर्बाद हुए हैं तब जाकर के महकी हो तुम