Parvez akhtar

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@parvez-akhtar

Parvez akhtar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Parvez akhtar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
इश्क़ को ज़हर क्यों पिलावे है
इश्क़ तो रास्ता दिखावे है

पाँव नंगे हैं सर भी नंगा है
सूरज ऊपर से खिलखिलावे है

ख़ूब रस्ते बदल के देख लिए
वो हर इक रास्ते में आवे है

चल रहा है अज़िय्यतों का सफ़र
साँस जावे है साँस आवे है

लोग हलकान हो रहे हैं अबस
ज़िंदगी किस के हाथ आवे है

वक़्त इक दाएरे में घूमे है
ये ख़िज़ाँ से बहार लावे है

क्या तअम्मुल है तेरे आने में
अश्क बे-इख़्तियार आवे है

रोज़ होवे है कुछ न कुछ ऐसा
जो मुझे रात भर जगावे है

जीते जी के हैं सब झमेले यार
फ़र्द आवे है फ़र्द जावे है

एक लाशा उधर है डोली में
एक लाशा इधर से जावे है

मेरा हम-ज़ाद ही मुक़ाबिल है
कौन देखो किसे हरावे है

वक़्त हाथों से जा चुका 'परवेज़'
अब कलेजा ही मुँह को आवे है
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Parvez akhtar
है दिल तोड़ना तेरी फ़ितरत सुना मैं
और इस की कोई हद न मुद्दत सुना मैं

वले इब्तिदा जान कर पेश अपनी
मोहब्बत की है ये शरीअ'त सुना मैं

तलाशी में सारा जहाँ घूमता हूँ
कि जब से जमाल-ए-मोहब्बत सुना मैं

जो देखा तो जाना क़यामत है क्या शय
जहाँ से बहुत तेरी बाबत सुना मैं

ये रंगत ये ख़ुशबू ये बादल ये झरने
ये सब हैंगे तेरी अलामत सुना मैं

अजल से कभू सीख पाबंदी-ए-वक़्त
नहीं देती इक पल ये मोहलत सुना मैं

बहुत ख़्वार फिरती है दर दर फ़रासत
बहुत ऐश में है जिहालत सुना मैं

बड़ी कश्मकश में हूँ मेरे अज़ीज़ो
मोहब्बत की बहना है नफ़रत सुना मैं

न कुछ फ़र्क़ आया जहाँ के चलन में
बहुत सों सुना तेरी वहशत सुना मैं

कभू आ के 'परवेज़' याँ भी सुना जा
है शे'रों में तेरे मतानत सुना मैं
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