gar yaad men saaqi ki saaghar nazar aa jaa.e | गर याद में साक़ी की साग़र नज़र आ जाए

  - Yagana Changezi
गरयादमेंसाक़ीकीसाग़रनज़रजाए
पैमाना-ए-दिलछलकेमुँहकोजिगरजाए
अक्स-ए-रुख़साक़ीकोगरदेखलूँसाग़रमें
कुछदिलकेबहलनेकीसूरतनज़रजाए
तय्याररहोहर-दममरनेपेकमरबाँधे
दर-पेश-ए-ख़ुदाजानेकबयेसफ़रजाए
हाँसैरतूकरग़ाफ़िलउसगोर-ए-ग़रीबाँकी
अंजामतुझेअपनाशायदनज़रजाए
फिरजाएँहमेशाकोदुनियासेमिरीआँखें
मरतेदमअगरजल्वातेरानज़रजाए
शोर-ए-नफ़स-ए-बुलबुलसेहोशउड़ेंसबके
गरज़मज़मा-संजीपरयेमुश्त-ए-परजाए
बीमार-ए-मोहब्बतकीअबहैयेदु'आहर-दम
फिरशामहोजिसकीऐसीसहरजाए
बेहतरहैख़म-ओ-साग़रआँखोंसेरहेंओझल
ऐसाहोशीशेपरदिलटूटकरजाए
'यास'आपकीबे-जुर्मीआड़ेनहींसकती
गरबातपरअपनीवोबेदाद-गरजाए
  - Yagana Changezi
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Dil Shayari

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