कितनीहसीनलगतीहैचेहरोंकीयेकिताब
सत्रोंकेबीचदेखिएफैलाहुआअज़ाब
चीख़ोंकाकर्बनग़्मोंकेशोलेवरक़वरक़
एहसासबनरहाहैजवाँदर्दकीकिताब
मीज़ान-ए-दिलमेंतौलिएफूलोंसेहरउमीद
लम्होंमेंघुलरहाहैतमन्नाओंकाशबाब
चेहरोंपेआजकितनेनक़ाबोंकाबोझहै
ज़ख़्मीहैआईनोंकेसमुंदरमेंहरहिजाब
येज़िंदगीहैसायोंकाबिखराहुआकफ़न
दश्त-ए-सफ़रहैख़्वाबकाफैलाहुआसराब