तुम हो हम हो ये किनारा
कितना प्यारा है नज़ारा
नौकरी ने वक़्त खाया
ख़्वाब टूटा ये बिचारा
कच्चे हैं हम लड़ न पाए
बख़्त शातिर है हमारा
है उतारी दिल से दुनिया
अब वो है मेरा सहारा
छोड़ो रहने दो ये बातें
चिंता में दिल का ख़सारा
छू ही मंज़िल लेंगे अपनी
पक्का है ये मन हमारा
— Abha sethi















