दर्द से दिल मुकर न जाए कहीं
इश्क़ में दिल निखर न जाए कहीं
तुम अगर यूँ बने रहे दिल में
हालते दिल सुधर न जाए कहीं
पी रहा हूँ शराब आँखों से
आँख में शब गुज़र न जाए कहीं
नैन तेरे बला के ख़ंजर हैं
ये जिगर में उतर न जाए कहीं
रोक दो मौत की ख़बर अंबर
घर तलक ये ख़बर न जाए कहीं
— Happy Srivastava 'Ambar'















