नगर है, गाँव है, बस्ती, नदी है या कि सहरा है

बताओ आप की इस डाइरी में और क्या क्या है

बताएँ क्या, सुनाएँ क्या, यहाँ का हाल ऐसा है
कहीं प्यासा पड़ा दरिया, कहीं नदियों पे पहरा है

सड़क पहुँची नहीं है गाँव तक इन सात दशकों में
अधूरा सा बना था ताल, तलवे तक ही गहरा है

कहाँ जाएँ, किसे बोलें, कहीं सुनता नहीं कोई
यहाँ सरकार में बैठा हुआ हर शख़्स बहरा है

— AYUSH SONI

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