"प्यास"
आज एक माँ ने अपने बेटे को
ये हिदायत दे कर
स्कूल भेजा
बेटा! प्यास लगे तो,
थोड़ा बर्दाश्त कर लेना
अगर बर्दाश्त से बाहर होने लगे
तो ख़ुद को च्यूँंँटी काटना
या कोई एक पत्थर उठाना
और उस को अपने माथे पे मार लेना
जिस के बा'द आँखों में
जो आँसू आएँगे उस को तुम पी लेना,
मगर किसी का मटका,नल, कुआँ, बर्तन
इत्यादि मत छूना
क्योंकि तुम नीची जाति के हो,
और घर के एकलौते चराग़ भी,
मैं तुम्हें किसी भी हाल में
बुझते हुए नहीं देखना चाहती
— Irshad Siddique "Shibu"















