dushmanon se bhi mila karte hain | दुश्मनों से भी मिला करते हैं

  - Meem Alif Shaz

दुश्मनों से भी मिला करते हैं
हम परों को भी सिया करते हैं

पैरों में काँटे चुभाने वाले
हम मुसीबत में हँसा करते हैं

जो प्यासे हैं ज़माने से वो
तिश्नगी को भी पिया करते हैं

भूल जाते हैं हक़ीक़त अपनी
आसमाँ को जो छुआ करते हैं

'इश्क़ देखोगे हमारा कैसे
हम तो ख़्वाबों में मिला करते हैं

दीप वो कैसे जला पाएँगे
जो हवाओं से डरा करते हैं

रूह की ख़ुशबू को वो क्या जाने
हुस्न पे ही जो मरा करते हैं

  - Meem Alif Shaz

Bekhabri Shayari

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