मुसलसल रायगानी में जिए हैं
किसी दूजी कहानी में जिए हैं
बहुत आसान जिनको लग रही थी
यक़ीं जानो गिरानी में जिए हैं
बिछड़ कर रंज उसको भी हुआ था
हम ऐसी बदगुमानी में जिए हैं
हमारा टूटना मुश्किल बहुत है
ग़ज़ल जैसी रवानी में जिए हैं
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