kiya tune mismar mujhko | किया तूने मिस्मार मुझको

  - Rohan Hamirpuriya

किया तूने मिस्मार मुझको
मुहब्बत थी दरकार मुझको

बना वहशी मैं जिनकी ख़ातिर
लगे कहने बीमार मुझको

है चेहरे पे वो नूर उसके
हुआ 'इश्क़ दो बार मुझको

मेरा फ़ैसला पुख़्ता है पर
नसीहत दे दो-चार मुझको

शुरू से शुरू करना पड़ता
तेरे संग हर बार मुझको

वफ़ा का सिला कम ही मिलता
तेरे संग हर बार मुझको

दिखा करता है मसख़रा वो
तेरे संग हर बार मुझको

मिटा दूँ तेरे जुर्म सारे
जो तू समझे सरकार मुझको

  - Rohan Hamirpuriya

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