आप ऐसी सदा दुआ न करें
जल्दबाज़ी में फ़ैसला न करें
आप को मैं अगर पसंद नहीं
एक अच्छा भी मुर्तज़ा न करें
हिज्र अच्छा नहीं रहा है कभी
आप ऐसे हमें जुदा न करें
आप पर तो हमें यक़ीं था कभी
इश्क़ में तो अभी दग़ा न करें
आप का तो पता लगा है अभी
आप मेरा कभी पता न करें
— Mohammad Bilal















