हवा में बात उड़ाई जा रही है

मुहब्बत आज़माई जा रही है

गले हँसकर लगा मुझ को रहे हैं
लड़ाई भी लगाई जा रही है

कुरेदा ज़ख़्म मेरा जा रहा है
दवा भी इक बनाई जा रही है

यहाँ भी दिल दुखाया जा रहा है
वहाँ लड़की दिखाई जा रही है

बुरा इस बात का मुझ को लगा है
बुरी लड़की बताई जा रही है

गले मिल कर सभी से रो रही है
मुहब्बत तक निभाई जा रही है

वफ़ा की आस में उस की अभी भी
ग़ज़ल ताज़ा बनाई जा रही है

— Mohammad Bilal

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