दिल में गर तेरा अरमान नहीं होगा
या'नी फिर जीना आसान नहीं होगा
आँसू गर बह जाएँगे सारे तो फिर
आँखों में जो है तूफ़ान, नहीं होगा
तेरे बा'द रहेगा ख़ाली दिल मेरा
इस
में अब कोई इंसान नहीं होगा
ले मैं ने भी छोड़ दिया आज़ाद तुझे
अब तुझ को कोई नुक़सान नहीं होगा
तू भी मेरा ज़िक्र किसी से करना मत
मुझ सेे भी तेरा एलान नहीं होगा
'वीर' अगर अब भी तू उस सेे वाक़िफ़ नई
तू पागल होगा नादान नहीं होगा
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