मुस्तकिल ख़ुद से जंग कर रहा हूँजी रहा हूँ मैं रोज़ मर रहा हूँहिज्र के बा'द ऐसे हाल में हूँअब तो ख़ुद ख़ुद से ही मैं डर रहा हूँ— Shajar Abbas