hazrat-e-dil aaj ham bolo kahaan tak jaayenge | हज़रत-ए-दिल आज हम बोलो कहाँ तक जाएँगे

  - Shajar Abbas

हज़रत-ए-दिल आज हम बोलो कहाँ तक जाएँगे
हज़रत-ए-दिल ने कहा कू-ए-बुताँ तक जाएँगे

आप को जाना है गर दश्त-ए-जुनूँ तो आइए
आपको हम छोड़ देंगे हम वहाँ तक जाएँगे

दिल ही दिल में ख़ुश हैं ये सारे परिंदे सोचकर
पर निकलते ही ये बच्चे आसमाँ तक जाएँगे

ख़त अगर देना है कोई दे दो क़सिद ने कहा
आज हम जो हैं फ़ुलाँ केे आशियाँ तक जाएँगे

जा न पाओगे जहाँ तक तुम तसव्वुर में शजर
देख लेना हम हक़ीक़त में वहाँ तक जाएँगे

  - Shajar Abbas

Fantasy Shayari

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