क़ैस के जैसे क़बीले से बग़ावत कर के
मैं दिखाऊँगा ज़माने को मोहब्बत कर के
ख़्वाब को तेरे हक़ीक़त में हक़ीक़त कर के
पास रक्खूंगा तुझे अपनी विरासत कर के
अपने भाई की मिरे लाल हिफ़ाज़त करना
मर गया बाप ये बेटे से वसीयत कर के
पुश्त पे आँखों की ये ख़्वाब नहीं बैठेंगे
सब तेरे साथ चले जाएँगे हिजरत कर के
'इश्क़ मत करना ये एक रोग बुरा है समझा
'इश्क़ ख़ुद करने लगा है वो नसीहत कर के
शक्ल में अश्कों की लौटाएँगी तुझको आँखे
जब ये थक जाएँगी ख़्वाबों की हिफ़ाज़त कर के
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