meraa ye dil usii se lag gaya hai | मेरा ये दिल उसी से लग गया है

  - SHIV SAFAR

मेरा ये दिल उसी से लग गया है
वो ग़म जो दिल पे जा के लग गया है

न सोचा था तेरे बिन जी लगेगा
मगर अब लगते लगते लग गया है

चला था रास्ते में दिल लगाने
मगर ख़ुद दिल ही रस्ते लग गया है

छुड़ानी क्यूँ है दिल से ग़म की आदत
लगे रहने दो गरचे लग गया है

मुहब्बत, बे-रिहाई जुर्म है जो
वही इल्ज़ाम मुझपे लग गया है

अभी खोली ही थी तस्वीर उसकी
कि मुझ
में कुछ सिसकने लग गया है

  - SHIV SAFAR

Gunaah Shayari

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