मोहब्बत लुटाने के दिन आ रहे हैं

उसे घर में लाने के दिन आ रहे हैं

जो अरमान मुद्दत से सोए हुए हैं
उन्हें अब जगाने के दिन आ रहे हैं

नई ज़िंदगी के नए रास्ते पर
नए गुल खिलाने के दिन आ रहे हैं

जो तेरे मेरे बीच है मुद्दतों से
वो दूरी मिटाने के दिन आ रहे हैं

सनम अब तुझे अपनी बाँहों में ले कर
कहानी सुनाने के दिन आ रहे हैं

जो शो'ले भड़कते हैं दोनों दिलों में
उन्हें अब बुझाने के दिन आ रहे हैं

उसे किस क़दर प्यार करता है 'तलहा'
उसे ये बताने के दिन आ रहे हैं

— Talha Lakhnavi

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