मैं फिर से ये हिम्मत नहीं करने वाला
दोबारा मोहब्बत नहीं करने वाला
ख़ुदा तू ने जितने सितम करने हैं कर
मैं तेरी इबादत नहीं करने वाला
ये लड़का फ़क़त रूह को चाहता है
ये जिस्मों से वहशत नहीं करने वाला
अगर देख ले हाल मेरा तू इक बार
क़सम से तू उल्फ़त नहीं करने वाला
तअल्लुक़ रखूँगा तेरे साथ लेकिन
निभाने की ज़हमत नहीं करने वाला
मैं तो छोड़ भी दूँगा उस को मगर वो
वो ऐसी इनायत नहीं करने वाला
— Yuvraj Singh Faujdar















