दर्द देती है मोहब्बत
आग जैसी है मोहब्बत
रात में जुगनू सी है और
दिन में तितली है मोहब्बत
दुख नहीं देता किसी को
जिस ने समझी है मोहब्बत
दुनिया की आँखों में इतनी
क्यूँ खटकती है मोहब्बत
कर के ही मालूम होगा
कितनी अच्छी है मोहब्बत
— Adarsh Akshar
आग जैसी है मोहब्बत
रात में जुगनू सी है और
दिन में तितली है मोहब्बत
दुख नहीं देता किसी को
जिस ने समझी है मोहब्बत
दुनिया की आँखों में इतनी
क्यूँ खटकती है मोहब्बत
कर के ही मालूम होगा
कितनी अच्छी है मोहब्बत
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