दिल की बातें मुँह पर थी
वो दुनिया से हट कर थी
नज़्में मेरी अच्छी थी
ग़ज़लें उस की बेहतर थी
हर मुश्किल का हल रखती
माँ मेरी चारा-गर थी
मैं दुनिया पर निर्भर था
दुनिया मुझ पर निर्भर थी
पाँव बड़े थे 'अक्षर' के
लेकिन छोटी चादर थी
— Adarsh Akshar
वो दुनिया से हट कर थी
नज़्में मेरी अच्छी थी
ग़ज़लें उस की बेहतर थी
हर मुश्किल का हल रखती
माँ मेरी चारा-गर थी
मैं दुनिया पर निर्भर था
दुनिया मुझ पर निर्भर थी
पाँव बड़े थे 'अक्षर' के
लेकिन छोटी चादर थी
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