मेरामाज़ीमिरेचेहरेसेझलकताहैज़रूर
मुझकोहालातकीगर्मीकीशिकायतनग़ुरूर
मस्लहतजानकेकाँटोंकीक़बालाएथे
गुलकीरंगीन-क़बाईकोपरखनाथाज़रूर
कौनसेभेसमेंमिलजाएँफ़रिश्तेहमदम
ख़िदमत-ए-इंस-ओ-बशरअपनाफ़रीज़ाहैहुज़ूर
वक़्तकेसाथबदलनेलगाएहसासकारंग
मुझकोइसबातकापहलेसेनथाकोईशुऊ'र
बारहाउनकोरग-ए-जाँसेक़रींपायाहै
फिरजोदेखातोनज़रआतेहैंवोआजभीदूर
आपबे-वज्ह'अनीस'आजपरेशाननहों
अबकहाँयादउन्हेंवोदिल-ए-सादाकाक़ुसूर