rakh yaad mohabbat men utar jaane se pahle | रख याद मोहब्बत में उतर जाने से पहले

  - Bhuwan Singh

रख याद मोहब्बत में उतर जाने से पहले
बस वादे करेगा वो मुकर जाने से पहले

ये रस्म-ए-मोहब्बत तो दिखावा है जगत का
सब रस्म निभाते हैं रे मर जाने से पहले

हर रोज़ मुझे उसने नया ज़हर दिया था
तो बच न सका यार असर जाने से पहले

ये पहले मिरा हाल कभी ऐसा नहीं था
अच्छा लिखा करता था हुनर जाने से पहले

इक ख़ास जगह पर मैं मिला करता था उस सेे
अब अच्छा नहीं लगता उधर जाने से पहले

अब रोज़ सुलाता हूॅं बदन अपना ज़मीं पर
तोड़ा गया था जिस्म बिखर जाने से पहले

माँ बाप के अब चेहरे नहीं होते परेशान
अब आँसू छुपा लेता हूॅं घर जाने से पहले

  - Bhuwan Singh

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