agar vo be-wafa hai to muhabbat kar nahin saka | अगर वो बे-वफ़ा है तो मुहब्बत कर नहीं सकता

  - Danish Balliavi

अगर वो बे-वफ़ा है तो मुहब्बत कर नहीं सकता
तुम्हारे साथ चलने की वो ज़हमत कर नहीं सकता

जो खाया है मुहब्बत की जिगर पर चोट जी भर के
दुबारा 'इश्क़ करने की वो हिम्मत कर नहीं सकता

वही है मर्द जो सहता है सारे ग़म मुक़द्दर के
कभी भी यार मरने की हिमाक़त कर नहीं सकता

न जाने क्यूँ बिठाया है उसी को राज गद्दी पर
जो अपने मुल्क के लोगों की ख़िदमत कर नहीं सकता

ख़ुदा का खौफ़ जिसके ज़ेहन में 'दानिश' मुयस्सर है
हक़ीक़त में बुतों की वो इबादत कर नहीं सकता

  - Danish Balliavi

Dosti Shayari

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