दिल में है अरमान आँखों में तूफ़ान है
मेरी ये साँसें मुल्क पे क़ुर्बान है
मैं फ़ख़्र से ये बात हरदम कहता हूँ
कि सब से प्यारा मेरा हिंदुस्तान है
ये लोग निकले हैं मोहब्बत बाँटने
हाथों में जिन के गीता और क़ुरआन है
तक़रीर में सब जान देते हैं मगर
मुश्किल है करना बोलना आसान है
इंसानियत की बातें कम करते हैं लोग
हर शख़्स अपने फ़र्ज़ से अंजान है
— Divyansh Rawat














