mushkil se chaman men ha | मुश्किल से चमन में हमें एक बार मिला फूल

  - Fakhr Zaman

मुश्किल से चमन में हमें एक बार मिला फूल
बस हाथ लगाया था कि टहनी से झड़ा फूल

ख़ुश्बू जो नहीं है न सही रंग तो देखो
बालों में सजा लो कोई काग़ज़ का बना फूल

इस शब को चमक की नहीं हाजत से महक की
आँखों से सितारे नहीं होंटों से गिरा फूल

अब तक तिरे होंटों पे तबस्सुम का गुमाँ है
हम को तो है महबूब यही आध-खिला फूल

इस धूप की शिद्दत में भी बे-आब हैं पौदे
हालात यही हैं तो गुमाँ है कि गया फूल

  - Fakhr Zaman

Nature Shayari

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