masarrat ki faraavani ke din hain | मसर्रत की फ़रावानी के दिन हैं

  - Ghani Ejaz

मसर्रत की फ़रावानी के दिन हैं
मोहब्बत की जहाँबानी के दिन हैं

तमन्नाओं की शादाबी का मौसम
ये अरमानों की जौलानी के दिन हैं

है कलियों के तबस्सुम का ज़माना
गुलों की चाक-दामानी के दिन हैं

मनाज़िर में है रंगीनी ग़ज़ब की
नज़र की शौक़-सामानी के दिन हैं

उठे हैं चार सू बादल ख़ुशी के
हसीं जज़्बों की तुग़्यानी के दिन हैं

मिले हैं प्यार के अनमोल तोहफ़े
ख़ुलूस-ए-दिल की अर्ज़ानी के दिन हैं

हुए रौशन मुक़द्दर के सितारे
फ़लक की नूर-अफ़्शानी के दिन हैं

सलामत रहमत-ए-हक़ का तसलसुल
मुबारक फ़ज़्ल-ए-रब्बानी के दिन हैं

  - Ghani Ejaz

Jashn Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Ghani Ejaz

As you were reading Shayari by Ghani Ejaz

Similar Writers

our suggestion based on Ghani Ejaz

Similar Moods

As you were reading Jashn Shayari Shayari