cheezen amar kar sakte hain mere sanam | चीज़ें अमर कर सकते हैं मेरे सनम

  - Harsh Raj

चीज़ें अमर कर सकते हैं मेरे सनम
हम जिस जगह लिख आते हैं मेरे सनम

कुछ बात क्या की पत्थरों से जो तेरी
पत्थर लगे कहने ये हैं मेरे सनम

मैं रम्ज तेरे तो समझता हूँ मगर
इक हाँ को बस हम बैठे हैं मेरे सनम

तुझको चिढ़ाते है न मेरे नाम से
चल जीजू उनके बनते हैं मेरे सनम

आँखें बिछाई हर्ष ने अंदर तेरे
जो मन में हो दिख जाते हैं मेरे सनम

  - Harsh Raj

Chehra Shayari

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