फिर से ज़ुल्फ सँवारी है
यार तू कितनी प्यारी है
मैं थोड़ा सा पागल हूँ
तू सारी की सारी है
यूँ लगता है फूलों ने
तेरी नक्ल उतारी है
तकती मुझ को वो भी है
रसमन पर्दा-दारी है
उस से इक 'ना' सुनने की
मेरी कोशिश जारी है
सब चेहरों पर मरते हैं
एक से एक भिखारी है
— Hukm















