tum mujhe aazma ke to dekho | तुम मुझे आज़मा के तो देखो

  - Javed Aslam

तुम मुझे आज़मा के तो देखो
मुझ सेे तुम दूर जा के तो देखो

तुम हो रौशन मिरी निगाहों में
दीप मेरा बुझा के तो देखो

तुम मुझे बे-वफ़ा कहो लेकिन
ख़ाना-ए-दिल में आ के तो देखो

मैं ही मैं आऊँगा नज़र हर-सू
दिल की महफ़िल सजा के तो देखो

हाल-ए-दिल तुम छुपा न पाओगे
तुम ज़रा मुस्कुरा के तो देखो

ख़ुद ख़ुदा ही हो नाख़ुदा जिसका
उसकी कश्ती डुबा के तो देखो

आँधियों का न बस चला 'असलम'
साहिलों तुम डरा के तो देखो

  - Javed Aslam

Mehfil Shayari

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