कि हैं सामान जो बाँधे हुए लोग
बता जाएँ कहाँ हारे हुए लोग
जो निकले थे मुहब्बत ढूँढने को
भटकते फिर रहें निकले हुए लोग
मुहब्बत नाम सुनते ही किसी से
लगे रोने सभी हँसते हुए लोग
सुनी जो मुख़्तसर सी वो कहानी
लगे रोने उसे सुनते हुए लोग
वहाँ कुछ वक़्त ठहरा तो मुझे वाँ
नज़र आए कई मरते हुए लोग
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