bol ke hi KHushi agar aati | बोल के ही ख़ुशी अगर आती

  - Manohar Shimpi

बोल के ही ख़ुशी अगर आती
ख़ामुशी और ही नज़र आती

आरज़ू हम सभी यही करते
काश अच्छी सदा ख़बर आती

राह में और भी यहाँँ कुछ है
काश उम्मीद इक नज़र आती

'उम्र कुछ साल जब ठहर जाती
फिर ख़ुदाई नज़र किधर आती

राह मुश्किल भरी रही लेकिन
सिर्फ़ ख़ौफ़-ओ-ख़तर नज़र आती

अश्क आते कभी नहीं आते
याद क्यूँँ तेरी रात भर आती

रंज रहता कभी बहुत दिल में
आँख में तब नमी नज़र आती

  - Manohar Shimpi

Nazar Shayari

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