इश्क़ है या ज़वाल है हद हैयार कैसा सवाल है हद हैहिज्र में हर क़दम उदासी हैऔर इस का मलाल है हद हैभूल जाऊँ उसे दुआ कीजेजान पर ये वबाल है हद हैझूठे वादे बड़ी बड़ी बातेंवाह साहब कमाल है हद है— Moin Ahmed "Aazad"