भूल जाओगे तुम अगर मुझ को

कौन देगा मिरी ख़बर मुझ को

मर्तबा चाहता हूँ कुछ मैं भी
ऐ मोहब्बत तबाह कर मुझ को

जो मुझे एक दिन में भूल गया
याद आएगा उम्र-भर मुझ को

ऐ शब-ए-ग़म कोई तो आहट कर
काट खाएगा मेरा घर मुझ को

मैं तिरे दिल का एक हिस्सा हूँ
अपने अंदर तलाश कर मुझ को

— Nadeem Farrukh

More by Nadeem Farrukh

Other ghazal from the same pen

See all from Nadeem Farrukh →

I Love You Shayari

Shers of i love you.

All I Love You Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling