"नहीं मैं नहीं हूँ"
नहीं मैं नहीं हूँ न बद-दिल न ख़ुश-दिल
किसी की किसी भी तलब में नहीं हूँ
न कोई रहा है तलब-गार मेरा
यहीं मुद्दतों से रहा हूँ मैं मंज़र
कोई कर न पाया है दीदार मेरा
दिल-ओ-ज़ेहन के दरमियाँ हूँ मैं बिस्मिल
न जीता न हारा फ़क़त एक घाइल
नहीं मैं नहीं हूँ न बद-दिल न ख़ुश-दिल
मैं कहता तो रहता हूँ बातें बहुत-सी
मगर है अधूरी कोई बात मेरी
यहाँ ढूंढता रहता हूँ मैं ख़ुदी को
नहीं होती मुझ से मुलाक़ात मेरी
न अपने किसी दर्द में हूँ मैं शामिल
न हो सकता हूँ अपने मरहम के क़ाबिल
नहीं मैं नहीं हूँ न बद-दिल न ख़ुश-दिल















