हो सके तो, भूल जाओ
उस बला को, भूल जाओ
फोटो कब तक तुम रखोगे
लो जलाओ, भूल जाओ
लहजा, आँखें, ज़ुल्फ़ें काली
मय उठाओ, भूल जाओ
ऐसा होता वैसा होता
ख़्वाब देखो, भूल जाओ
यूँ कभी तो मिलने आओ
काम छोड़ो, भूल जाओ
हाल तुम अपना बताओ
मेरा समझो, भूल जाओ
दिल को फिर ज़िंदा बनाओ
उम्र जोड़ो, भूल जाओ
एक इक पल यूँ बिताओ
इश्क़ बाँटो, भूल जाओ
— Nikunj Rana















