कसर कोई न छोड़ी टूटने का डर बनाने में
किसे फिर दोष दें हम अपना दिल पत्थर बनाने में
कभी नफ़रत नहीं शामिल हुआ करती अकेली ही
भरोसा चाहिए होता है इक ख़ंजर बनाने में
यक़ीं क़ुर्बानियाँ समझौते छत को था
में रखते हैं
न बस ईंटें लगा करती हैं घर को घर बनाने में
— Parul Singh "Noor"















