ये मत सोचिए यूँँ ही चुप चाप बैठा रहूँगा
तुम्हें कुछ न कुछ, कुछ न कुछ तो मैं कहता रहूँगा
हमेशा वो कहती रहेगी चले जाइए आप
हमेशा मैं कहता रहूँगा, रहूँगा, रहूँगा
सितारे तुम्हें देख कर रोज़ जलते रहेंगे
मैं जलता हुआ देख कर मुस्कुराता रहूँगा
अगर आप टूटे हुए दिल बनाते रहेंगे
मेरा वा'दा है मैं भी मरहम बनाता रहूँगा
मुझे तू बिना ही मिले रोज़ मिलती रहेगी
तुझे मैं बिना ही मिले भी बिछड़ता रहूँगा
— Abuzar kamaal















