सूरज, सितारे चाँद मेरे साथ में रहे
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे
साँसों की तरह साथ रहे सारी ज़िंदगी
तुम ख़्वाब से गए तो ख़यालात में रहे
हर बूँद तीर बन के उतरती है रूह में
तन्हा मेरी तरह कोई बरसात में रहे
हर रंग हर मिज़ाज में पाया है आप को
मौसम तमाम आप की ख़िदमत में रहे
शाखों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम
आँधी से कोई कह दे के औक़ात में रहे
— Rahat Indori















