हमारे दिल का इक रस्ता बना है
मगर ये जान लो आधा बना है
हम ऐसे पेड़ हैं जिन का निगहबाँ
यहीं छाँ में लकड़हारा बना है
परिंदे कूच करते जा रहे हैं
शिकारी जबसे हम सेाया बना है
हम उनवाँ ही अब उस को प्यास देंगे
जिस इक तस्वीर में दरिया बना है
तुम अपना ध्यान पर्दे पे ही रखना
मेरा किरदार कुछ कच्चा बना है
बड़ी दीवार को गरियाने वाले
कभी सोचा कि दरवाज़ा बना है
सहारा देगा या ज़ख़्मी करेगा
मेरा वो यार पत्थर का बना है
खिलौना आप का है जैसे खेलो
बस इतना सोचना प्यारा बना है
ज़रा अफ़सोस कर कुछ सोच 'रजनीश'
तू ख़ुद को देख क्या से क्या बना है
— Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'















