वो घिनौनी तो बात करते हैं

  - Rudransh Trigunayat

वो घिनौनी तो बात करते हैं
जाति में ज़ात पात करते हैं

बाप ने ही उजाड़ दी ख़ुशियाॅं
पीले जो उसके हाथ करते हैं

वो विरोधी हैं प्यार के लेकिन
कृष्ण राधा की बात करते हैं
'इश्क़ में क़ैद तो नहीं मुमकिन
ज़ुल्म पर एक साथ करते हैं

प्यार से सुन नहीं रहे जिसकी
भागकर वो ही घात करते हैं

  - Rudransh Trigunayat

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