उठा है दिल में जो तूफां दबा-दबा सा है
मगर अभी भी दरीचा खुला-खुला सा है
इधर तबाह हुआ जा रहा है दिल मेरा
उधर भी हुस्न परीशां ज़रा-ज़रा सा है
किसे पुकार रही हैं तेरी खुली ज़ुल्फ़ें
अभी भी होश कहाँ है नशा-नशा सा है
बदन निढाल पड़ा आंख भी लगे बोझिल
चराग़ शब का जला है थका-थका सा है
अभी-अभी तो मोहब्बत हुई उसे देखो
अभी-अभी से लगे वो जुदा-जुदा सा है
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