"राम कथा"
अयोध्या से निकल कर के चला है वन को इक जत्था
सिया और राम आगे हैं चले पीछे लखन भ्राता
नगर सूना हुआ सारा प्रजा रोने लगी सारी
जिसे कल राज्य देना था उसे जंगल में क्यूँ भेजा
बढ़े जब पाप रावण के प्रभू नर रूप में आए
कई देवों को अपने संग वानर रूप में लाए
बड़ा भारी हुआ रण वानरों और राक्षसों में तब
प्रभू ने वध किया रावण का माँ सीता को घर लाए
— Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"















