apsara si lagii dil thaga rah gaya | अप्सरा सी लगी दिल ठगा रह गया

  - Shivang Tiwari

अप्सरा सी लगी दिल ठगा रह गया
तुमको देखा तो बस देखता रह गया

तुम सेे मिलने से पहले मैं ही मैं मगर
बाद मिलने के तेरा पता रह गया

हाथ घूँघट उठाने को आगे बढ़े
जिस्म पूरा मेरा काँपता रह गया

सच की राहों पे आगे बढ़ें किस तरह
झूठ दिल में अगर भौंकता रह गया

जिस्म देखा मगर रूह देखी नहीं
एक पहलू ये भी अनछुआ रह गया

  - Shivang Tiwari

Dil Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Shivang Tiwari

As you were reading Shayari by Shivang Tiwari

Similar Writers

our suggestion based on Shivang Tiwari

Similar Moods

As you were reading Dil Shayari Shayari