कोई भी इस जहाँ में उसे पा सका है क्या
वो चाँद तो नहीं है मगर चाँद सा है क्या
हँसते हो मेरे जैसे ही तुम भी तो बेसबब
तुमने भी मेरे जैसा कोई दुख सहा है क्या
मुझको बग़ैर दिल का बदन सौंपती हो क्यूँ
सच-सच बताओ दिल में कोई दूसरा है क्या
होता जो मुझको 'इश्क़ तो मैं ये न पूछता
उसके ग़मों को भूलने का रास्ता है क्या
मुझको उसी की लत है मुझे वो ही चाहिए
ऐसा वो मेरे बारे में भी सोचता है क्या
क्यूँ ख़ून थूक-थूक के लेते हो उसका नाम
बरसों पुराना ज़ख़्म अभी तक हरा है क्या
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