koi bhi is jahaan men use pa sakaa hai kya | कोई भी इस जहाँ में उसे पा सका है क्या

  - Shivang Tiwari

कोई भी इस जहाँ में उसे पा सका है क्या
वो चाँद तो नहीं है मगर चाँद सा है क्या

हँसते हो मेरे जैसे ही तुम भी तो बेसबब
तुमने भी मेरे जैसा कोई दुख सहा है क्या

मुझको बग़ैर दिल का बदन सौंपती हो क्यूँ
सच-सच बताओ दिल में कोई दूसरा है क्या

होता जो मुझको 'इश्क़ तो मैं ये न पूछता
उसके ग़मों को भूलने का रास्ता है क्या

मुझको उसी की लत है मुझे वो ही चाहिए
ऐसा वो मेरे बारे में भी सोचता है क्या

क्यूँ ख़ून थूक-थूक के लेते हो उसका नाम
बरसों पुराना ज़ख़्म अभी तक हरा है क्या

  - Shivang Tiwari

Khoon Shayari

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